एक हसीन चाहत – Sex Kahani

दूसरे दिन मैं स्कूल आई तो माधुरी गेट पर ही मिल गई। वह एक लड़के से हंस-हंसकर बातें कर रही थी। ‘मेरे संस्कार ही ऐसे थे, कि मैं जिस किसी स्त्री-पुरुष या लड़का-लड़की को हंसते बोलते देखती तो मैं उनके संबंधों को लेकर सशंकित हो उठती। मेरा सोचने का नजरिया ही बदल गया था।

हालांकि पहले मैं ऐसी नहीं थी। तभी मैंने देखा, वह लड़का कोई और नहीं, बल्कि किशोर है, जो बातें करते-करते माधुरी का हाथ थाम लेता है।’ मैं उन्हें नजदीक आते ही चहक पड़ी-‘हलो माधुरी, कैसी हो?’

माधुरी मेरे गाल पर एक प्यार भरी चपत लगाते हुए बोली-‘जब मैं कहीं बाहर जाती हूं तब ही तू मेरे घर आती है? यह किशोर है, मेरा बेस्ट फ्रण्ड।’ माधुरी ने किशारे की ओर इशारा करते हुए कहा तो मैं हंसने लगी-‘क्या किशोर को मैं नहीं जानती कि तूं परिचय करवा रही है? हां, किशोर तेरा बेस्ट फ्रेण्ड है यह मुझे मालूम नहीं था।’ मैं यह कहते-कहते चुप लगा गई।

किशोर मुझे ही एकटक देख रहा था। उसकी आंखों में शरारत थी। तभी वह आंख नचाते हुए बोला-‘माधुरी, तुम्हारी यह सहेली तो बड़ी ही सुन्दर और स्मार्ट है।’

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